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Mai, Maikash, Maikhana - मय, मयकश, मैख़ाना

मदिरा की काव्यात्मक मजेदार आत्म कहानी " मैं मय हूँ "

Publishing Year: 2025 | Language: Hindi

Author: C S Vijay

Limited Edition Hardcover, Quality Paper

Digital PDF E-Book: Rs. 99/-

Paper Back Physical Book: Rs. 149/- + shipping

Destricption

मय मयकश मैखाना
 
मदिरा को लेकर चंद्र  शेखर  विजय द्वारा लिखी गईं कविता और कुछ शेर और शायरी का संग्रह है ।
‘मैं  मय  हूं ‘ मदिरा की आत्म कहानी  है, जो मदिरा के अच्छे  बुरे प्रभाव  को बताती है ।
 
सदियों  से शराब  के चलन ,प्रेम, विरह गम  जन्म, मरण  परण जैसे सामाजिक अफसरों  पर मदिरा के  जुडाव पर व्यंग्यात्मक  काव्य रचना  हैं.।
 
इस के उपभोग की सीमा व नियम पर ज़ोर दिया गया है, नियम  निर्धारण के लिए राज्य सरकारों से  अपेक्षा  की  गई है ।
कुछ अन्य शायरों के  मदिरा पान पर कहे गए शेर इसमें जोडे गए हैं । पाठकों  को इसमें हास्य की अनुभूति होगी।
March 5, 2026

its very nice book

Anand

जन्म: कोटा, राजस्थान (भारत) में जन्मे चंदर शेखर विजय गणित में स्नातकोत्तर हैं, जो उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज, अजमेर से किया। वे राजस्थान सरकार के राज्य आबकारी विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी अंग्रेज़ी कविताओं का पहला संग्रह वर्ष 1994 में प्रकाशित हुआ।

उनकी हिंदी की लंबी कविता “चौरासी चंदर” वर्ष 2016 में प्रकाशित हुई।

उन्होंने प्राचीन नाटककार भास के प्रसिद्ध नाटक “स्वप्नवासवदत्ता” की कथा को अंग्रेज़ी में काव्यात्मक रूप में पुनः रचा, जिसका शीर्षक “नोट ऑफ घोषवती” है। उनकी अगली अंग्रेज़ी कविताओं की पुस्तक वर्ष 2020 में ब्लूरोज़ पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित हुई।

उनकी कविताएँ जीवन, प्रेम, भावनाएँ, प्रकृति, नदियाँ, पर्वत, वन, ऋतुएँ, स्त्री, मानवता, देशभक्ति और राजनीति जैसे विविध विषयों को स्पर्श करती हैं।

उनका नवीनतम कार्य “एस्थेटिक सीज़न्स” है, जो महान कवि कालिदास की ऋतु संहार का पुनर्लेखन है और वर्ष 2024 में प्रकाशित हुआ।

उनकी और रचनाएँ “उम्मीद की सहर” नामक चैनल में उपलब्ध हैं, जिसमें कश्मीर और उसके राजनीतिक उतार-चढ़ाव, तथा उर्वशी और कामायनी पर आधारित कविताओं का संग्रह शामिल है।

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